Upi payment New Rules अगर आप भी रोजमर्रा के भुगतान के लिए UPI का उपयोग करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। साल 2026 की शुरुआत में UPI से जुड़े कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। National Payments Corporation of India (NPCI) ने हाल ही में वॉलेट आधारित मर्चेंट पेमेंट को लेकर बदलाव की घोषणा की है। इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत और तेज बनाना है।
क्या बदला है नया नियम?
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि आप 2000 रुपये से अधिक का भुगतान वॉलेट के माध्यम से किसी व्यापारी (मर्चेंट) को करते हैं, तो उस पर 1.1% चार्ज लगेगा। हालांकि यह चार्ज ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, बल्कि व्यापारी को वहन करना होगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि सामान्य व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI भुगतान पहले की तरह ही मुफ्त रहेंगे। यह शुल्क केवल वॉलेट लोड करके किए गए P2M (Person to Merchant) ट्रांजैक्शन पर लागू होगा।
उदाहरण के लिए, यदि आप PhonePe या Google Pay जैसे ऐप में पहले पैसा वॉलेट में लोड करते हैं और फिर 2000 रुपये से अधिक की शॉपिंग करते हैं, तो व्यापारी पर यह चार्ज लागू हो सकता है।
दैनिक ट्रांजैक्शन सीमा में बदलाव
UPI की सामान्य दैनिक सीमा 1 लाख रुपये है। लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा और IPO जैसे विशेष क्षेत्रों में यह सीमा 5 लाख रुपये तक है।
फरवरी 2026 से कुछ श्रेणियों में P2M भुगतान की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रतिदिन तक कर दी गई है।
अधिकांश बैंक एक दिन में लगभग 20 ट्रांजैक्शन की सीमा भी लागू करते हैं, हालांकि यह बैंक के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
उपयोगकर्ताओं के लिए जरूरी सलाह
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यदि संभव हो तो 2000 रुपये से कम के भुगतान को प्राथमिकता दें।
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वॉलेट के बजाय सीधे बैंक खाते से UPI भुगतान करें।
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बड़े भुगतान से पहले अपने बैंक की सीमा और नियम जरूर जांच लें।
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अधिकृत ऐप और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
NPCI का कहना है कि यह बदलाव डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए किया गया है।
इस बदलाव का प्रभाव
यह नियम करोड़ों UPI उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर सकता है, खासकर ऑनलाइन खरीदारी करने वालों को। हालांकि ग्राहकों पर कोई सीधा अतिरिक्त शुल्क नहीं है, लेकिन व्यापारी भविष्य में लागत को ध्यान में रख सकते हैं।
डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा देने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े भुगतान की सुविधा बढ़ने से व्यापार और ई-कॉमर्स को लाभ मिल सकता है।
निष्कर्ष
UPI पेमेंट के नए नियम 2026 के तहत 2000 रुपये से अधिक के वॉलेट आधारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 1.1% शुल्क लागू किया गया है, जिसे व्यापारी वहन करेंगे। सामान्य UPI ट्रांजैक्शन अब भी मुफ्त हैं। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे सीधे बैंक खाते से भुगतान करें और नियमों की जानकारी अपडेट रखते रहें। जागरूकता से ही अनावश्यक भ्रम और परेशानी से बचा जा सकता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. क्या 2000 रुपये से अधिक UPI ट्रांजैक्शन पर ग्राहक को शुल्क देना होगा?
नहीं, 2000 रुपये से अधिक के वॉलेट आधारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 1.1% शुल्क व्यापारी को देना होगा, ग्राहक पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
2. क्या व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI ट्रांजैक्शन पर भी शुल्क लगेगा?
नहीं, सामान्य व्यक्ति से व्यक्ति किए जाने वाले UPI भुगतान पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
3. UPI की दैनिक ट्रांजैक्शन सीमा कितनी है?
सामान्य तौर पर UPI की दैनिक सीमा 1 लाख रुपये है, जबकि कुछ विशेष श्रेणियों में यह सीमा 5 लाख या 10 लाख रुपये तक हो सकती है।
4. क्या सभी ऐप्स पर यह नियम लागू होगा?
हाँ, यदि आप किसी भी UPI ऐप के वॉलेट के माध्यम से 2000 रुपये से अधिक का मर्चेंट भुगतान करते हैं, तो यह नियम लागू हो सकता है।
5. शुल्क से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
शुल्क से बचने के लिए उपयोगकर्ता सीधे बैंक खाते से UPI भुगतान करें और वॉलेट का उपयोग सीमित रखें।