पेंशनर्स के लिए 3 नई शर्तें लागू! हर महीने मिलेगी ₹7,500 की पक्की पेंशन EPFO Pension Rule 2026

EPFO Pension Rule 2026 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों पेंशनधारकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम 1995 (EPS-95) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने का प्रस्ताव चर्चा में है। बताया जा रहा है कि श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ बोर्ड इस पर विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

EPS-95 योजना कैसे काम करती है

EPS-95 के तहत नियोक्ता द्वारा दिए जाने वाले 12 प्रतिशत अंशदान में से 8.33 प्रतिशत पेंशन कोष में जमा किया जाता है। यह अंशदान अधिकतम 15,000 रुपये मासिक वेतन तक सीमित है।

पेंशन की गणना एक तय सूत्र के आधार पर होती है, जिसमें कर्मचारी की कुल सेवा अवधि और औसत पेंशन योग्य वेतन शामिल होता है। इसी कारण कई पेंशनधारकों को आज भी केवल 1,000 से 2,000 रुपये तक ही मासिक पेंशन मिल पाती है।

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उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी ने 15 वर्ष सेवा की हो और औसत वेतन 5,000 रुपये रहा हो, तो उसकी पेंशन लगभग 1,071 रुपये बनती है। आज के समय में यह राशि बेहद कम मानी जाती है।

7,500 रुपये न्यूनतम पेंशन प्रस्ताव: वर्तमान स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन है और इसे 2026 में लागू करने की संभावना जताई जा रही है।

यह वृद्धि केवल उन पेंशनधारकों पर लागू हो सकती है जिनकी वर्तमान पेंशन 7,500 रुपये से कम है। जिनकी पेंशन पहले से इससे अधिक है, उनकी राशि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यह प्रस्ताव अभी अंतिम रूप में स्वीकृत नहीं हुआ है। आधिकारिक पुष्टि के लिए ईपीएफओ की वेबसाइट या श्रम मंत्रालय की अधिसूचना देखना जरूरी होगा।

पात्रता की शर्तें

EPS-95 के तहत पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 वर्ष की सेवा और 58 वर्ष की आयु पूरी करना अनिवार्य है।

संभावित संशोधन के तहत उन्हीं पेंशनधारकों को लाभ मिल सकता है जिन्होंने नियमित अंशदान किया है और वर्तमान में न्यूनतम पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।

विकलांगता पेंशन और पारिवारिक पेंशन में भी संशोधन की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इस पर भी अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

2014 के बाद क्या बदलाव हुए

साल 2014 में न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये तय की गई थी। उससे पहले कुछ लोगों को 300 से 500 रुपये तक ही पेंशन मिलती थी। पिछले करीब 12 वर्षों में इस राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि महंगाई काफी बढ़ चुकी है।

इसी कारण 7,500 रुपये का प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इतनी बड़ी वृद्धि के लिए सरकार को अतिरिक्त बजट की व्यवस्था करनी होगी।

पेंशन स्टेटस कैसे जांचें

पेंशनधारक अपनी जानकारी ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। UMANG ऐप के माध्यम से भी पेंशन स्टेटस और पासबुक की जांच की जा सकती है।

पेंशन से जुड़ी प्रक्रिया के लिए फॉर्म 10D और आधार से लिंक बैंक खाता आवश्यक है। किसी भी प्रकार की अफवाह या सोशल मीडिया दावे पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना पर ध्यान दें।

निष्कर्ष

EPFO की न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव लाखों पेंशनधारकों के लिए राहत भरा कदम हो सकता है। हालांकि यह अभी विचाराधीन है और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। यदि यह लागू होता है, तो कम पेंशन पाने वाले बुजुर्गों को बड़ी आर्थिक सहायता मिलेगी। पेंशनधारकों को चाहिए कि वे अपने दस्तावेज अपडेट रखें और नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लेते रहें।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. क्या न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये तय हो गई है?
नहीं, अभी यह प्रस्ताव विचाराधीन है और इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

2. यह बढ़ी हुई पेंशन किन लोगों को मिलेगी?
यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो केवल उन पेंशनधारकों को लाभ मिलेगा जिनकी वर्तमान पेंशन 7,500 रुपये से कम है।

3. EPS-95 के तहत पेंशन पाने के लिए क्या शर्तें हैं?
कम से कम 10 वर्ष की सेवा और 58 वर्ष की आयु पूरी करना अनिवार्य है।

4. पेंशन की गणना कैसे की जाती है?
पेंशन की गणना कर्मचारी की सेवा अवधि और औसत पेंशन योग्य वेतन के आधार पर तय सूत्र से की जाती है।

5. पेंशन स्टेटस कहां से जांच सकते हैं?
पेंशनधारक ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट या UMANG ऐप के माध्यम से अपना पेंशन स्टेटस जांच सकते हैं।

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