Petrol Diesel Price Today 2026 फरवरी 2026 के आखिरी हफ्ते में देशभर के वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर आई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की गई है। पिछले कई महीनों से ईंधन की ऊंची कीमतें आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही थीं। अब पेट्रोल करीब ₹2 से ₹4 प्रति लीटर और डीजल ₹3 से ₹5 प्रति लीटर तक सस्ता हुआ है। यह कमी छोटी लग सकती है, लेकिन रोजाना वाहन चलाने वालों के लिए महीने के खर्च में अच्छी बचत दिला सकती है।
कटौती की मुख्य वजह क्या है
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 75-78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, जो पहले से कम है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्का सुधार भी देखने को मिला है। जब रुपया मजबूत होता है, तो आयात लागत कम हो जाती है। इन दोनों कारणों से घरेलू बाजार में कीमतों में राहत मिली है। देश की प्रमुख तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum इन्हीं कारकों के आधार पर रोजाना कीमतें तय करती हैं।
बड़े शहरों में नए रेट
नई कटौती के बाद प्रमुख शहरों में कीमतें इस प्रकार हैं:
दिल्ली में पेट्रोल लगभग ₹94.50 और डीजल ₹87.40 प्रति लीटर है।
मुंबई में पेट्रोल करीब ₹103.10 और डीजल ₹95.60 है।
कोलकाता में पेट्रोल लगभग ₹104 और डीजल ₹90 के आसपास है।
चेन्नई में पेट्रोल ₹100 से थोड़ा ऊपर और डीजल ₹92 के करीब है।
मुंबई में कीमतें अधिक होने की वजह राज्य का ज्यादा VAT है। अलग-अलग राज्यों में कर दरें अलग होने के कारण अंतिम खुदरा कीमत भी अलग होती है।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
डीजल की कीमत में कमी का सबसे ज्यादा फायदा ट्रांसपोर्ट सेक्टर को होगा। ट्रक और मालवाहक वाहन चलाने वालों की लागत में सीधी कमी आएगी। इससे सब्जी, फल और अन्य सामान की ढुलाई सस्ती हो सकती है।
किसानों को भी राहत मिलेगी, खासकर वे किसान जो सिंचाई के लिए डीजल पंप का उपयोग करते हैं। छोटे व्यापारी और डिलीवरी वाहन चलाने वाले कारोबारी भी इस कटौती से लाभान्वित होंगे।
क्या महंगाई पर पड़ेगा असर
ईंधन की कीमतों में कमी का असर महंगाई पर धीरे-धीरे दिखाई देता है। परिवहन लागत कम होने से वस्तुओं की कुल लागत घटती है। हालांकि बाजार में कीमतें तुरंत कम नहीं होतीं। अगर यह राहत लंबे समय तक बनी रहती है, तो रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
आगे क्या हो सकता है
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो आगे और छोटी कटौती की संभावना हो सकती है। हालांकि वैश्विक परिस्थितियों और डॉलर की स्थिति के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की खबर है, लेकिन ईंधन की कीमतें रोजाना बदलती रहती हैं।
निष्कर्ष
फरवरी 2026 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आई कटौती आम लोगों के लिए राहत लेकर आई है। ट्रांसपोर्ट, किसान और छोटे कारोबारी इससे सीधे लाभान्वित होंगे। हालांकि महंगाई पर इसका पूरा असर देखने में समय लग सकता है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे ताजा कीमतों की जानकारी आधिकारिक स्रोत से लेते रहें, क्योंकि दरें रोजाना बदल सकती हैं।
FAQs
1. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कितनी कमी आई है?
फरवरी 2026 में पेट्रोल की कीमत में लगभग ₹2 से ₹4 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 से ₹5 प्रति लीटर तक की कमी देखी गई है।
2. ईंधन की कीमतें क्यों कम हुई हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती के कारण आयात लागत कम हुई है, जिससे घरेलू कीमतों में कटौती संभव हुई है।
3. किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
ट्रांसपोर्ट सेक्टर, किसान और छोटे व्यापारी डीजल की कीमत में कमी से सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे।
4. क्या ईंधन सस्ता होने से महंगाई तुरंत कम हो जाएगी?
ईंधन की कीमतों में कमी का असर धीरे-धीरे पड़ता है और बाजार में वस्तुओं की कीमतों में बदलाव आने में समय लग सकता है।
5. क्या आगे और कीमतें कम हो सकती हैं?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर या कम बनी रहती हैं, तो आगे और कटौती की संभावना हो सकती है, लेकिन यह वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।