PM Ujjwala Yojana 2026 ग्रामीण भारत में आज भी कई परिवार लकड़ी और उपलों से खाना बनाते हैं। धुएं से भरी रसोई महिलाओं और बच्चों की सेहत पर बुरा असर डालती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की शुरुआत की थी। साल 2026 में भी यह योजना लाखों जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और आर्थिक सहायता देकर राहत दे रही है।
योजना की शुरुआत और उद्देश्य
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा की गई थी। उस समय देश के कई गरीब परिवारों के पास LPG कनेक्शन नहीं था। वे पारंपरिक चूल्हे पर खाना बनाते थे, जिससे घर के अंदर वायु प्रदूषण बढ़ता था।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाना, उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। उज्ज्वला 2.0 के तहत योजना का दायरा बढ़ाया गया, जिससे प्रवासी मजदूर और अन्य जरूरतमंद परिवार भी शामिल हो सके।
क्या-क्या मिलता है योजना के तहत
इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिया जाता है। इसके साथ पहला सिलेंडर और गैस चूल्हा भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जाता है।
सबसे बड़ी सुविधा यह है कि हर बार सिलेंडर रिफिल करवाने पर लगभग ₹300 की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। यह राशि आधार से लिंक खाते में आती है और इसकी सूचना SMS के जरिए मिलती है।
पात्रता और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनके घर में पहले से LPG कनेक्शन नहीं है और जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। प्राथमिकता SC/ST परिवारों, अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों और प्रवासी मजदूरों को दी जाती है।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। आवेदन नजदीकी गैस एजेंसी, जन सेवा केंद्र (CSC) या आधिकारिक वेबसाइट pmuy.gov.in के माध्यम से किया जा सकता है।
महिलाओं और स्वास्थ्य पर असर
उज्ज्वला योजना से महिलाओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां लकड़ी इकट्ठा करने और आग जलाने में घंटों लग जाते थे, अब गैस चूल्हे से खाना जल्दी तैयार हो जाता है। इससे समय की बचत होती है और महिलाएं अन्य कामों या बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे पाती हैं।
धुएं से होने वाली आंखों की जलन, खांसी और सांस की बीमारी में भी कमी देखी गई है। डॉक्टरों के अनुसार स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल से घर के अंदर का वायु प्रदूषण घटता है, जिससे परिवार का स्वास्थ्य बेहतर होता है।
पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव
जब परिवार लकड़ी की जगह LPG का उपयोग करते हैं तो जंगलों पर दबाव कम होता है। पेड़ों की कटाई घटती है और हानिकारक धुएं में भी कमी आती है। यह योजना भारत के स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य में भी योगदान दे रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे। डिजिटल रजिस्ट्रेशन और eKYC से प्रक्रिया पहले से अधिक सरल हो गई है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2026 में भी गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनी हुई है। मुफ्त गैस कनेक्शन और ₹300 की सब्सिडी से महिलाओं का जीवन आसान हुआ है, स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और पर्यावरण को भी फायदा मिला है। यदि आपके आसपास कोई परिवार अब भी इस योजना से वंचित है, तो उन्हें इसकी जानकारी जरूर दें। सही और ताजा जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत गैस एजेंसी से संपर्क करें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत क्या-क्या मुफ्त मिलता है?
इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को मुफ्त LPG कनेक्शन, पहला गैस सिलेंडर और गैस चूल्हा प्रदान किया जाता है।
2. ₹300 की सब्सिडी कैसे मिलती है?
जब लाभार्थी गैस सिलेंडर रिफिल करवाता है, तो लगभग ₹300 की सब्सिडी DBT के माध्यम से सीधे उसके आधार लिंक बैंक खाते में जमा की जाती है।
3. इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
वे परिवार जिनके पास पहले से LPG कनेक्शन नहीं है और जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हैं, इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
4. आवेदन करने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।
5. क्या सब्सिडी की राशि हमेशा ₹300 ही रहती है?
सब्सिडी की राशि सरकार की नीति के अनुसार समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या गैस एजेंसी से संपर्क करना चाहिए।